नाबालिग रेप पीड़िता ने दिल्ली के अस्पताल में ली आखिरी साँस- आरोपी के धमकाने पर दुष्कर्म पीड़िता ने ख़ुद को आग के हवाले किया
योगी सरकार में बेटियोँ का जीना मुहाल है, आए दिन नाबालिग रेप कांड गांव से लेकर शहर तक सबको दहला देते है | सीएम और पीएम बेटियोँ की सुरक्षा के दावे तो करती है लेकिन दिन प्रतिदिन दुष्कर्म व हैवानियत के कांड समाचार पत्र और न्यूज़ चैनल व पोर्टल की सुर्खियां बने रहते हैं | ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज नहीं अपितु बेटियोँ का सत्यानास है, रेप पीड़िता जब क़ानून का सहारा लेकर दोषियों को सज़ा दिलाने की गुहार लगाती है तो पुलिस मुजरिमों को बचने के लिए एड़ी से लेकर चोटी तक का ज़ोर लगा देती है और दुष्कर्म पीड़िता को हर बार गलत साबित करती है। पिछले कई महीनों में जनता ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रेप और गैंगरेप जैसी वारदातों को देखा है, जिसमें पुलिस की लापरवाही साफ़ तौर से सामने आई है।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली एक और रेप पीड़िता ने कानून के लचर रवैये से तंग आकर खुद को आग के हवाले कर दिया | जहांगीराबाद पुलिस की ढुलमुल कार्यशैली और आरोपित का पक्ष लिए जाने से पीडि़ता ने क्षुब्ध होकर अपने आपको आग लगा ली और अपनी जान दे दी। डॉक्टरों के मुताबिक, मंगलवार शाम को पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे गंभीर हालत में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया था।
किया है मामला ?
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मंगलवार को बुरी तरह झुलसी रेप पीड़िता (Rape Victim) की दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई. पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया कि रेप के आरोपी के परिजन नाबालिग को आग के हवाले कर दिया. परिवारवालों ने बताया कि सोमवार को आरोपी के परिजनों ने शिकायत वापस न लेने पर युवती को जान से मारने की धमकी दी थी. 4 माह पूर्व नाबालिग से रेप हुआ था. अब इस मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है.
परिवार ने किया कहा?
परिवार ने किया कहा?
पीड़िता के चाचा के मुताबिक़ कुछ लोगों ने घर में घुसकर पीड़िता को जलाया है इस पर उन्होंने जवाब दिया,, "आज सुबह 11 बजे तक यही सामने आया था कि पीड़िता को धमकी मिली और उसने खुद आग लगा ली। पीड़िता की बड़ी बहन का भी एक वीडियो है जिसमें उसने यही बताया है कि वो सुबह जहाँ गोबर डालते हैं वहां गयी थी तभी उसे धमकी मिली थी कि 'आग लगा लो या समझौता कर लो' वो घर आकर गुमसुम सी बैठी थी।
कमरा बंद करके उसके आग लगा ली, जब सबने देखा तो उसपर रजाई डालकर बचाने की कोशिश की गयी।" बच्ची के साथ रेप हुआ था या गैंगरेप? इस सवाल के जवाब में संतोष कुमार सिंह कहते हैं, "नामजद एक ही आरोपी था उसे ही जेल भेजा गया। आज की ही घटना में पहले पीड़ित परिवार ने बताया कि धमकी के बाद पीड़िता ने खुद आग लगाई, बाद में सात लोगों के नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, बाकियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। उप निरीक्षक, एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, थाना प्रभारी को हटा दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच होगी।"
सुसाइड नोट में पीड़िता ने बयां किया था अपना दर्द
सुसाइड नोट में पीड़िता ने बयां किया था अपना दर्द
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर मंच से कहते हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज है, लेकिन यूपी पुलिस उनके इस कथन को हर बार गलत साबित करती है। पिछले कई महीनों में जनता ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रेप और गैंगरेप जैसी वारदातों को देखा है, जिसमें पुलिस की लापरवाही साफ़ तौर से सामने आई है।
गैंगरेप पीड़िता एलएलबी छात्रा थी और कानून की पढ़ाई पढ़ रही थी, लेकिन उसे कानून के दांव-पेंच ने ही इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। पीड़िता की शिकायत के एक महीने बाद तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी और आरोपी बेपरवाह होकर घूम रहे थे। इससे परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस को अपनी बात पर यकीन दिलाने की नीयत से आत्महत्या का कदम उठाया।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार
बुलंदशहर एसएसपी के मुताबिक़, तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दे दिया गया है। एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 2 आरोपी अब भी कानून के शिकंजे से दूर है।
इस घटना से प्रदेश की पुलिस को सबक लेना चाहिए। यूपी पुलिस के अधिकारियों को समझना चाहिए कि किसी भी मामले में देरी करना, लोगों की जान पर बन आती है।

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