मिडिल ईस्ट देशों में हाईटेक पुलिस की रेस

 

मिडिल ईस्ट देशों में AI आधारित टेक्नोलॉजी रोजमर्रा की पुलिसिंग का हिस्सा बनती जा रही है। यहां पुलिस झूठ पकड़ने वाली ब्रेन वेव रीडर डिवाइस से लैस है। पेन और डिस्पोजल कप में लगे छोटे-छोटे हाईटेक कैमरे एक किमी दूर से इंसानी चेहरे और नंबर प्लेट को ट्रेस करने में सक्षम हैं।

UAE के शहर दुबई और अबु धाबी हाईटेक कैमरों से इस तरह लैस हैं कि इनसे जुड़ी डिवाइस ओयून 10 हजार कैमरों का एनालिसिस कर एयरपोर्ट से आने वाले हर शख्स की लोकेशन बता सकता है।

पिछले महीने दुबई के पुलिस सम्मेलन में पुलिसिंग के लिए अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी को परखा। साथ ही, दुनियाभर में पुलिसिंग के लिए अपनाई जा रही श्रेष्ठ तरीकों पर भी नजर डाली। सम्मेलन में दुबई ने हिकविजन और हुवेई सहित चीनी कंपनियों से फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम का प्रदर्शन किया।

AI से एक मिनट में अपराधी के लोकेशन का पता लग जाएगा
इस सॉफ्टवेयर ने कैमरे और AI की मदद से यहां आए लोगों की पहचान करने के साथ ही उनके रास्तों को ट्रैक करने की क्षमता भी दिखाई। पुलिस कमांड सेंटर ने दिखाया कि कैसे एक विशाल स्क्रीन पर लाइव कैमरा फीड और सभी इमरजेंसी व्हीकल को देखा जा सकता है।

कमांड और कंट्रोल सेंटर के एक्टिंग डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल बिलाल अल टायर ने कहा- अगर किसी ने कोई अपराध किया है तो टेक्नोलॉजी और AI बेस्ड स्मार्ट कैमरों की मदद से एक मिनट के भीतर हमें पता चल जाएगा कि अपराधी किस दिशा में जा रहा है। अमीरात में टेक फर्म प्रेसाइट AI चीनी पुलिस में प्रचलित प्रोडक्ट और सॉफ्टवेयर यहां की पुलिस को बेचती है।

दुबई ने इंजीनियरों की मदद से एक पुलिसिंग सॉफ्टवेयर बनाया
AI जनरल अराजूकी ने एक इंटरव्यू में बताया कि हम दुनियाभर के देशों में अपनाई जा रही सबसे बेस्ट प्रैक्टिस को चुनते हैं। फिर उस टेक्नोलॉजी को अपने पुलिसिंग सिस्टम में शामिल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां एयरपोर्ट पर प्रवेश करने से लेकर बाहर निकलने तक हमारा सिस्टम हर व्यक्ति की निगरानी करने में सक्षम है।

दुबई ने इंजीनियरों की मदद से एक पुलिसिंग सॉफ्टवेयर बनाया है, जो यह आकलन करने में सक्षम है कि चोर आगे कहां हमला कर सकते हैं। दावा है कि इसकी सटीकता 68% है। लोगों की निजता के सवाल पर अधिकारियों का कहना है कि ‘हम सिर्फ निगरानी कर रहे हैं।’

एल्गोरिदम की मदद से दुबई के 4 हजार खतरनाक ड्राइवर को खोजा
वाहनों की दुर्घटनाओं के रिकॉर्ड पर बने एक एल्गोरिदम ने दुबई के सबसे खतरनाक लगभग 4 हजार ड्राइवर की पहचान की है। इस एल्गोरिदम के मुताबिक, खराब ड्राइवर में सबसे अधिक बुजुर्ग अमीराती हैं और इसके बाद यहां रहने वाले दक्षिणी एशियाई देशों के प्रवासी लोग हैं।

 

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