मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला में पहला सम्मेलन आयोजित किया
इंसानी भाईचारे के दस्तावेज तथा युवाओं को चरमपंथ से बचाने पर चर्चा हुई
नई दिल्ली : (एशिया टाइम्स न्यूज़ ) विश्व पुस्तक मेला में मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स द्वारा प्रथम सम्मेलन काउंसिल के स्टैंड पर आयोजित किया गया| सम्मेलन का शीर्षक था 'बातचीत एवं सह अस्तित्व को मजबूत करना' जिसमें इतिहासकार तथा विज्ञान एवं राजनैतिक इतिहास के लेखक प्रोफेसर सैयद इरफान हबीब तथा एकता एवं शांति संस्थान के संस्थापक एवं निदेशक फादर एम डी थॉमस ने भाग लिया|

सम्मेलन के दौरान, प्रोफेसर सैयद इरफान हबीब ने अल अज़हर के ग्रैंड इमाम, ख्याति प्राप्त डॉक्टर अहमद अल तैयब की अध्यक्षता में मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स के शांति एवं सह अस्तित्व को प्रोत्साहन देने के प्रयासों विशेषकर हिज़ होलीनेस पोप फ्रांसिस के साथ इंसानी भाईचारे के दस्तावेज पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर की सराहना की|

उन्होंने काउंसिल तथा अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की कि वे दस्तावेज के आदर्शों को जमीनी स्तर पर व्यवहारिक रुप से लागू करें ताकि आम जनता उचित सह अस्तित्व एवं एकता का लाभ उठा सकें|
प्रोफेसर हबीब ने श्रोताओं, जिनमें कई युवा विद्यार्थी भी शामिल थे, को प्रोत्साहित किया कि वे चरमपंथी विचारों के शिकार न बने जिससे उनकी राष्ट्रीय पहचान भी छिन सकती है| उन्होंने लोगों को स्वयं अपनी पहचान को समझने एवं परवाह करने के साथ-साथ उन लोगों की पहचान की परवाह करने को कहा जिनके साथ उनके सामुदायिक संबंध हैं|
इसी बीच, फादर एम डी थॉमस ने इंसानी भाईचारे के दस्तावेज के महत्व तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा 4 फरवरी को इंसानी भाईचारा दिवस के रूप में अपनाने को पूरे मानव समाज को एक बैनर के तहत इकट्ठा होने तथा विभाजन एवं लड़ाई झगड़े को समाप्त करने की संभावित प्रेरणा माना| उन्होंने सभी देशों को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों तथा अन्य प्रयासों द्वारा दूसरी संस्कृतियों एवं धर्मों के विषय में जागरूकता पैदा करने को प्रेरित किया जिससे युवाओं को नफरत एवं चरमपंथ के अंधकार में घसीटे जाने से बचाया जा सके|
एकता एवं शांति संस्थान के संस्थापक एवं निदेशक ने अल अज़हर के ग्रैंड इमाम तथा मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स के अध्यक्ष ख्याति प्राप्त डॉक्टर अहमद अल तैयब तथा कैथोलिक चर्च के बिशप हिज़ होलीनेस पोप फ्रांसिस द्वारा उनके धार्मिक समूहों को एक-दूसरे के नजदीक लाने में उनकी भूमिकाओं की सराहना की|
उन्होंने आशा की कि अंतरराष्ट्रीय सरकारें हिंदू धार्मिक नेताओं के प्रयासों से प्रेरणा लेंगी और सभी के लिए मैत्रीपूर्ण एवं शांतिपूर्ण समाजों का निर्माण करेंगी|
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला, जिसे एशिया के प्रमुख साहित्यिक आयोजनों में से एक माना जाता है, उसमें काउंसिल की यह पहली भागीदारी ख्याति प्राप्त ग्रैंड इमाम द्वारा बातचीत को बढ़ावा देने तथा विश्व भर में सहिष्णुता एवं शांति स्थापित करने तथा साथ ही साथ सभी पृष्ठभूमियों के लोगों में सहयोग के पुल निर्माण के विजन का हिस्सा है|

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