पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कराची में हिंदू धर्मशाला के विध्वंस पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने सिंध सूबे के धरोहर सचिव से इमारत के संबंध में रिपोर्ट अदालत में जमा करने को कहा है

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कराची में मौजूद हिंदू धर्मशाला को मिस्मार करने से रोकने का आदेश दिया है। पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद की निगरानी में तीन सदस्यीय बेंच ने शुक्रवार को यह फ़ैसला सुनाया।

 

सुनवाई के दौरान अल्पसंख्यकों पर गठित आयोग के सदस्य डा. रमेश कुमार ने अदालत के सामने धर्मशाला की तस्वीरें रखीं।

 

उनका कहना था कि यह इमारत काफ़ी पुरानी है। इवैक्वी ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड (ETPB) ने संपत्ति को किसी निजी व्यक्ति को लीज पर दिया था। अब वह व्यक्ति प्लाजा बनाने के लिए धर्मशाला को ध्वस्त कर रहा है।

 

शीर्ष अदालत ने कहा कि तस्वीरों से पता चलता है कि इमारत 1932 में निर्मित है। धर्मशाला पर लगी संगमरमर की पट्टी पर इसे पढ़ा जा सकता है। यह एक संरक्षित धरोहर भवन होना चाहिए।

 

सुप्रीम कोर्ट ने सिंध सूबे के धरोहर सचिव से इमारत के संबंध में रिपोर्ट अदालत में जमा करने को कहा है।

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