एप्पल को पीछे छोड़ , सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी बनी

अरामको का पूरा नाम है- अरब अमेरिकन ऑयल कंपनी. 1980 में सऊदी सरकार ने अरामको की पूरी हिस्सेदारी ख़रीद ली थी और कंपनी का नाम सऊदी अरामको हो गया था.

रियाध : ( एशिया टाइम्स ) सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको 2.463 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप (बाज़ार पूंजी) के साथ दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई.

 बुधवार को कारोबार के दौरान अरामको के शेयर का मूल्य 46.2 रियाल तक पहुंच गया जो सऊदी मुद्रा है. और इसके साथ ही उसका मार्केट कैप अमेरिका की टेक कंपनी एप्पल से भी अधिक हो गया.

 एप्पल 2.461 ट्रिलियन मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है लेकिन बुधवार को अरामको ने उसे पीछे छोड़ दिया.अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ रहे तेल की कीमतों की वजह से अरामको लगातार मज़बूत हो रही है.

 अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है. इस समय पूर्ण रूप से सऊदी अरब के नियंत्रण वाली ये कंपनी 1933 में स्थापित हुई थी. तब इसमें अमेरिका की भी साझेदारी थी.

 अरामको का पूरा नाम है- अरब अमेरिकन ऑयल कंपनी. 1980 में सऊदी सरकार ने अरामको की पूरी हिस्सेदारी ख़रीद ली थी और कंपनी का नाम सऊदी अरामको हो गया था.

 अरामको तेल और गैस के क्षेत्र में काम करती है. इस समय कंपनी में 66 हजार 800 कर्मचारी हैं. मई 2021 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी सालाना 229.7 अरब डॉलर की बिक्री करती है.

 वैश्विक तेल बाज़ार में बढ़ रहे दाम भी कंपनी की वैल्यू को निर्धारित कर रहे हैं. हाल के महीनों में तेल के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है जिसका फ़ायदा भी तेल कंपनी अरामको को मिला है.

 सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है और अब बाज़ार पूंजी के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है. इससे तेल की क़ीमत को लेकर क्या संकेत मिलते हैं ?

 अरामको का मार्केट कैप बढ़ने का एक संकेत ये भी है कि निवेशक भी उस मूल्यांकन को अधिक अहमियत दे रहे हैं जिसे वो छू सकते हैं ना कि उस मूल्यांकन को जो कल्पना पर आधारित हो.

 सऊदी अरामको का मूल्यांकन उसकी ब्रांड वैल्यू पर भी आधारित नहीं है बल्कि वो सीधे-सीधे इस बात पर आधारित है कि उसके पास कितना ब्लैक गोल्ड है.

 यही वजह है कि पारंपरिक निवेशक ऐसी कंपनी में पैसा लगाना पसंद करता है जहां वो अपने निवेश को देख पाए. इस तरह के निवेश में ख़तरा भी कम होता है.

 

साभार : बीबीसी हिंदी 

 

 

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