जंग के बाद गाजा में शासन के लिए अमेरिकी प्लान:फिलिस्तीन अथॉरिटी से बातचीत जारी; हमास को भी साथ लेने की तैयारी

गाजा में इजराइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) का ऑपरेशन जारी है। इसके साथ ही डिप्लोमैटिक लेवल पर जंग के बाद की स्ट्रैटेजी तैयार की जा रही है। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक- अमेरिका और फिलिस्तीन अथॉरिटी के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रधानमंत्री मोहम्मद सातायेह ने खुद इसका खुलासा किया है।

इस बातचीत का सबसे अहम पहलू ये है कि किसी वक्त फिलिस्तीन अथॉरिटी का हिस्सा रहे आतंकी संगठन हमास को भी प्लान से अलग नहीं रखा गया है। हालांकि, इसके लिए उसे तमाम शर्तें माननी होंगी।

जंग के बाद कैसा होगा गाजा

  • रिपोर्ट के मुताबिक- गाजा में जंग खत्म होने के बाद हमास को वहां के सिस्टम से पूरी तरह बाहर नहीं किया जाएगा। दरअसल, हमास को फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) का जूनियर पार्टनर बनाने की तैयारी है।
  • तैयारी यह है कि गाजा को इंडिपेंडेंट स्टेट बनाया जाए। इसमें वेस्ट बैंक, गाजा, पूर्वी यरूशलम और रामल्लाह शामिल हों। फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रधानमंत्री सातायेह ने मीडिया हाउस ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में खुद यह माना है।
  • हमास को इस प्लान से बाहर न रखने के पीछे सोच यह है कि जंग के बाद कम या ज्यादा ही सही हमास का प्रभाव गाजा में रहेगा ही। लिहाजा, उसे पूरी तरह किसी सिस्टम या प्लान से बाहर किया जाना परेशानियां पैदा कर सकता है।
फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रधानमंत्री मोहम्मद सातायेह के मुताबिक- हमास से बातचीत तभी शुरू होगी, जब वो दो शर्तों को मान लेगा। (फाइल)
फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रधानमंत्री मोहम्मद सातायेह के मुताबिक- हमास से बातचीत तभी शुरू होगी, जब वो दो शर्तों को मान लेगा। (फाइल)

हमास के सामने पहली शर्त

  • सातायेह ने अमेरिका के साथ जारी बातचीत की पुष्टि करते हुए एक अहम मुद्दे पर खुलकर बात की। यह मुद्दा था कि हमास को नए प्लान का हिस्सा किस तरह बनाया जाएगा।
  • सातायेह ने कहा- हमास के सामने दो अहम शर्तें होंगी। पहली- वो संबंधित पक्षों के साथ समझौता करे। दूसरी- उसे PLO के पॉलिटिकल प्लेटफॉर्म को मानना होगा इन दो शर्तों को मानने के बाद ही उससे कोई बातचीत हो सकेगी।
  • इजराइल के बारे में पूछे गए एक सवाल पर सातायेह ने कहा- यह सोचना गलत होगा कि इजराइल सिर्फ जंग के जरिए हमास को खत्म कर देगा।
  • 7 अक्टूबर को हमास आतंकियों ने इजराइल में घुसकर हमले किए थे। 1200 लोग मारे गए थे। 240 को बंधक बना लिया गया था। 130 रिहा किए जा चुके हैं। हमास के कंट्रोल वाली गाजा की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक- जंग में अब तक 17 हजार 170 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। 46 हजार घायल हैं।
यह तस्वीर 7 अक्टूबर को सामने आई थी। इजराइली मीडिया ने दावा किया था कि गाजा में हमास के सैकड़ों आतंकियों ने इजराइली सेना के सामने सरेंडर किया है।
यह तस्वीर 7 अक्टूबर को सामने आई थी। इजराइली मीडिया ने दावा किया था कि गाजा में हमास के सैकड़ों आतंकियों ने इजराइली सेना के सामने सरेंडर किया है।

नेतन्याहू का इरादा बिल्कुल अलग

  • पिछले महीने इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा था कि जंग के बाद भी वो फिलिस्तीन अथॉरिटी को गाजा का शासन नहीं सौंपेंगे। नेतन्याहू ने कहा था- गाजा पर हमारी सेना का ही कंट्रोल होगा। यहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमें अंतरराष्ट्रीय ताकतों पर भरोसा नहीं है।
  • इसके कुछ दिन पहले फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा था कि वो जंग के बाद गाजा की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं। दरअसल, इजराइल के बनने के बाद फिलिस्तीनी अरबों की आबादी केवल 2 हिस्सों में रह गई। वेस्ट बैंक और गाजा। वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी अथॉरिटी का कब्जा रहा है और गाजा में हमास ने शासन किया है।

 

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