जब पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी जी से मैंने अत्यंत तीखा सवाल कर लिया था

सोचता हूं आज अगर ऐसा सवाल कर लिया जाए तो क्या सबकुछ नॉर्मल रहे गा ?

 

By : Ashraf Ali Bastavi 

पूर्वांचल की राजनीति के अग्रणी नेताओं में से एक विधायक और मंत्री रहे.पंडित श्री हरिशंकर तिवारी जी नहीं रहे.

बात 2004 की है मुझे पत्रकारिता जॉइन किए कोई डेढ़ वर्ष हुए थे, मेरे Reporting क्षेत्र Baghnagar स्थित मुस्लिम हायर सेकंडरी स्कूल पर पंडित हरिशंकर तिवारी जी का प्रोग्राम लगा, वह उन दिनों मुलायम सिंह काबीना में मंत्री थे.

प्रोग्राम खत्म हुआ तो स्कूल के एक कमरे में जलपान का इंतजाम किया गया तिवारी जी के साथ उनके निजी सुरक्षा कर्मियों समेत छोटे बड़े नेताओं की मण्डली साये की तरह साथ साथ थी.

मौजूद पत्रकार साथियों से कहा गया कि नाश्ते की मेज़ पर ही आप लोग मंत्री जी गुफ्तगू करलें.

मुझ जैसे एक क्षेत्रीय रिपोर्टर के लिए यह एक अच्छा मौका था, नाश्ते के साथ साथ पत्रकार साथियों ने गुफ्तगू शुरू कर दी.

मौका मिलते ही मैं पूछ बैठा मंत्री जी, आप भाजपा सरकार में मंत्री रहे, आप बसपा में मंत्री रहे आज समाजवादी पार्टी में मंत्री हैं, आपका अगला कदम क्या होगा ?
सुनना था महफिल में सन्नाटा पसर गया सब की तिरछी निगाहें मेरी तरफ थीं, फौरन एक दूसरे पत्रकार साथी के सवाल से माहौल नॉर्मल हो गया.

मैं बाहर निकला तो सीनियर साथी नसीहत करने लगे, भाई अभी लंबी अवधि तक पत्रकारिता करनी है ज़रा संभल के.
लेकिन मंत्री जी ने पहले ना बाद में कोई एक्शन नहीं लिया.

सोचता हूं आज अगर ऐसा सवाल कर लिया जाए तो क्या सबकुछ नॉर्मल रहे गा ?

RIP

 

0 comments

Leave a Reply