हिंसा रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार की तालिबान को सत्ता में हिस्सेदारी की पेशकश : रिपोर्ट्स

अफगानिस्ता में बीते कई जिनों से जारी हिंसा पर विराम लगाने के लिए अफगानिस्तान सरकार ने तालिबान को सत्ता में हिस्सेदारी की पेशकश की है.

दोहा: 

कतर में अफगान सरकार के वार्ताकारों ने तालिबान को देश में लड़ाई को समाप्त करने के बदले में सत्ता-साझाकरण सौदे की पेशकश की है. इस बारे में एक सरकारी वार्ता सूत्र ने गुरुवार को एएफपी को बताया. सूत्र ने कहा, "हां, सरकार ने मध्यस्थ के रूप में कतर को एक प्रस्ताव सौंपा है. यह प्रस्ताव तालिबान को देश में हिंसा को रोकने के बदले में सत्ता साझा करने की अनुमति देता है."

तालिबान ने काबुल से महज 150 किलोमीटर (95 मील) की दूरी पर रणनीतिक अफगान शहर गजनी पर कब्जा कर लिया है. इसे हमले में उनका सबसे महत्वपूर्ण लाभ माना जा रहा है. तालिबान ने एक सप्ताह में 10 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर लिया है.

आंतरिक मंत्रालय ने शहर पर तालिबान के कब्जे की पुष्टि की है. गजनी प्रमुख काबुल-कंधार राजमार्ग पर है. गजनी को दक्षिण में राजधानी और गढ़ों के बीच प्रवेश द्वार के रूप में भी जाना जाता है.

अफगान सरकार के प्रवक्ता मीरवाइस स्टानिकजई ने मीडिया को एक संदेश में कहा, लड़ाई और प्रतिरोध अभी भी जारी है. उन्होंने कहा, "दुश्मन ने नियंत्रण कर लिया."

सरकार ने अब अधिकांश उत्तरी और पश्चिमी अफगानिस्तान को प्रभावी रूप से खो दिया है. मई के बाद से संघर्ष नाटकीय रूप से बढ़ गया है. अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं ने 20 साल के कब्जे के बाद इस महीने के अंत में सेना की वापसी के अंतिम चरण के साथ ही तालिबानी हमला बढ़ने लगा. 

गजनी के नुकसान से देश की वायु सेना पर और अधिक दबाव बढ़ने की संभावना है, जो अफगानिस्तान के बिखरे हुए सुरक्षाबलों को मजबूत करने के लिए आवश्यक है. तालिबान समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स ने हाल के दिनों में उनके लड़ाकों द्वारा बरामद किए गए युद्ध की विशाल लूट का भी दावा किया, बख्तरबंद वाहनों, भारी हथियारों, जब्त किए गए ड्रोन और यहां तक ​​​​कि विरान पड़े अफगान सैन्य ठिकानों की तस्वीरें पोस्ट की गई हैं.

0 comments

Leave a Reply