अफगान महिलाओं को आतंकियों के साथ शादी के लिए मजबूर कर रहा तालिबान : रिपोर्ट

तालिबान के हाल के कब्‍जे वाले क्षेत्र में पकड़े गए सैनिकों की निर्ममतापूर्वक हत्‍या और आम नागरिकों पर अकारण हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं.

काबुल : 

अफगानिस्‍तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban)  के नियंत्रण बढ़ने के बीच महिलाओं पर 'अत्‍याचार' की खबरें भी सामने आई हैं. अफगानिस्‍तान में तालिबान तेजी से अपनी पकड़ बनाता जा रहा है और कई प्रांतों और इनके शहरों पर अब तालिबानी लड़ाकों का कब्‍जा है. गुरुवार को एक मीडिया रिपोर्ट में कहा है कि यह आतंकी संगठन अब महिलाओं को आतंकियों (Terrorists) के साथ शादी करने को मजबूर कर रहा है. तालिबान के हाल के कब्‍जे वाले क्षेत्र में पकड़े गए सैनिकों की निर्ममतापूर्वक हत्‍या और आम नागरिकों पर अकारण हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं.वॉल स्‍ट्रीट जर्नल की गुरुवार की रिपोर्ट में कहा गया है, 'तालिबान के कब्‍जे वाले इलाकों में रह रहे लोगों का कहना है कि उन्‍होंने आम नागरिकों पर अकारण हमले और पकड़े गए सैनिकों (अफगान सेना के) को आतंकियों को मौत के घाट उतारते हुए देखा है. वे यह भी कहते हैं तालिबानियों ने लोगों से यह भी कहा है कि वे अविवाहित महिलाओं को उसके आतंकियों की पत्‍नी बना दें. यह एक तरह की सेक्‍सुअल वायलेंस (यौन हिंसा) है.' 

वॉल स्‍ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि तालिबान ने मुल्‍क के ज्‍यादातर हिस्‍सों में अपने नियंत्रण संबंधी 'जीत' के बाद सरकारी अधिकारियों, सैन्‍य बलों और लोगों से कहा था कि उन्‍हें डरने की जरूरत नहीं है लेकिन उसकी 'करतूतें' इसके उलट हैं. काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास ने अफगान सेना के पकड़े गए या सरेंडर करने वाले सैनिकों को बेरहमी से मारने की रिपोर्ट सामने आने के बाद तालिबान की जमकर आलोचना की है. दूतावास ने ट्वीट में इसे 'विचलित करने वाली घटना और वार क्राइम बताया.'

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में अफगान सैनिकों और तालिबान के बीच संघर्ष जारी है. तालिबान लगातार अफगान के कई क्षेत्रों पर कब्जा जमाता जा रहा है. तालिबान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कांधार (Kandahar) पर कब्जा करने का दावा किया. तालिबान के इस ऐलान के बाद अफगान सरकार के हाथ में राजधानी काबुल और कुछ अन्य क्षेत्र ही बचे रहेंगे. तालिबान के एक प्रवक्ता ने ट्वीट में कहा, "कांधार को पूरी तरह से जीत लिया गया है. मुजाहिदीन शहर के शहीद चौक पर पहुंच गए हैं." एक स्थानीय नागरिक ने भी तालिबान के इस दावे का समर्थन किया, उसने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि ऐसा लगता है कि सरकारी फौज शहर के बाहर स्थित एक सैन्य सुविधा से पीछे हट गई है. 

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