अमेरिका पर फिर साइबर हमला:रूसी हैकर्स ने US की 140 IT कंपनियों को निशाना बनाया, बाइडेन की चेतावनी नजरअंदाज

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की चेतावनी के बाद भी अमेरिकी कंपनियों पर रूस के साइबर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार को अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट्स ने रूस की खुफिया एजेंसी के बड़े साइबर हमले का खुलासा किया। अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने सरकारी विभाग, कॉर्पोरेट, कंप्यूटर नेटवर्क के अलावा माइक्रोसॉफ्ट के अधिकारियों को भी सतर्क रहने की चेतावनी दी।

NYT के मुताबिक रूस की स्टेट स्पॉन्सर्ड फर्म नोबेलियम ने अमेरिका की करीब 140 IT सप्लाई चेन कंपनियों को टारगेट किया है। अमेरिकी सरकार इसकी जांच कर रही है। बता दें कि एक महीने पहले ही बाइडेन ने अमेरिका में हुए साइबर हमले के बाद रूस पर कई प्रतिबंध लगाए थे।

ज्यादा डेटा चोरी नहीं कर पाए
माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी टॉम बर्ट ने बताया कि नया साइबर अटैक बड़े स्तर पर किया गया है। अधिकारियों ने मुताबिक अटैक क्लाउड में स्टोर किए गए डेटा को हासिल करने के लिए किया गया। हालांकि अटैकर्स ज्यादा मात्रा में डेटा चोरी नहीं कर पाए।

2016 में अमेरिकी चुनाव में भी हुई सेंधमारी
इससे पहले भी रूसी खुफिया एजेंसी ने अमेरिका की डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के नेटवर्क में सेंधमारी की थी। 2016 में हुए अमेरिकी चुनाव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर साइबर हमला हुआ था।

तेल पाइपलाइन पर किया था हमला
इससे पहले अमेरिका की सबसे बड़ी तेल पाइपलाइन पर 10 मई 2021 को साइबर अटैक हुआ था। इसके बाद बाइडेन प्रशासन ने आपातकाल की घोषणा कर दी थी। जिस कोलोनियल पाइपलाइन कंपनी पर अटैक हुआ था, वह रोजाना 25 लाख बैरल तेल सप्लाई करती है।

हैकर्स ने इस पाइलपालन की साइबर सिक्योरिटी पर हमला किया। इसके बाद न्यूयॉर्क तक रिकवरी टैंकर्स के जरिए तेल और गैस की सप्लाई करनी पड़ी। साइबर हमले का असर अटलांटा और टेनेसी पर सबसे ज्यादा दिखाई दिया था।

हैकर्स ने 100GB डेटा चुराया था
इस साइबर अटैक का आरोप डार्कसाइड नाम की साइबर अपराधियों की गैंग पर लगा था। इन्होंने कोलोनियल कंपनी के नेटवर्क को हैक कर लिया था और करीब 100GB डेटा चुरा लिया। हैकर्स ने कुछ कंप्यूटरों को लॉक करके फिरौती भी मांगी थी।

 

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