बांग्लादेश में महंगाई की मार:1971 के बाद पहली बार पेट्रोल-डीजल के दाम 52% बढ़े, सड़कों पर उतरे गुस्साए लोग

बांग्लादेश में जनता महंगाई से परेशान है। यहां सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम 52% तक बढ़ा दिए हैं। इससे गुस्साए लोगों ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 1971 में आजादी के बाद पहली बार कीमतें इस स्तर पर पहुंची हैं।

 

सरकार का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में बढ़े फ्यूल की कीमतों के चलते देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं। दरअसल, हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में जरूरी चीजों के भाव आसमान छू रहे हैं। अब डीजल-पेट्रोल के मामले में स्थिति कुछ ज्यादा ही गंभीर हो चुकी है।

सराकर का ये फैसला 6-7अगस्त की दरमियानी रात से लागू हुआ। इसके पहले पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। हजारों लोगों ने घंटों तक कतार में खड़े होकर तेल खरीदा।
सराकर का ये फैसला 6-7अगस्त की दरमियानी रात से लागू हुआ। इसके पहले पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। हजारों लोगों ने घंटों तक कतार में खड़े होकर तेल खरीदा।

नाराज लोगों ने प्रदर्शन किए
फ्यूल के दाम बढ़ने से लोगों में सरकार के खिलाफ नाराजगी देखी गई। लोगों ने कहा- सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 51.7 फीसदी और डीजल की कीमत में 42 फीसदी का इजाफा कर दिया है। ऐसे में हमें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों ने सड़कों पर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
लोगों ने सड़कों पर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

सरकार ने क्या कहा?
सरकार का कहना है कि पिछले 6 महीने में बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (सरकारी तेल कंपनी) को 8 अरब टका (बांग्लादेशी करेंसी) का घाटा हुआ है। इधर, रूस-यूक्रेन जंग के चलते इंटरनेशनल मार्केट में फ्यूल की कीमतें बढ़ गई हैं। इसलिए दम बढ़ने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं था। जैसे ही इंटरनेशनल मार्केट में कीमतें घटेंगी, देश में भी फ्यूल के दाम घटा दिए जाएंगे।

बांग्लादेश में महंगाई से बिगड़ रहे हालात
देश में महंगाई दर पिछले 9 महीने से लगातार 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। जुलाई में बांग्लादेश में महंगाई दर 7.48 फीसदी तक पहुंच गई।

 

0 comments

Leave a Reply