अगर हालात नहीं सुधरे तो मैं जेल का दौरा करूंगा: आरोपियों की शिकायत पर न्यायाधीश

नई दिल्ली : दिल्ली दंगा मामले के कुछ आरोपियों द्वारा मूलभूत सुविधाएं न मिलने की शिकायत के बाद दिल्ली की अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से नाराज़गी जताई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने डीजी (जेल) को आरोपियों की शिकायतों पर गौर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में स्थिति नहीं सुधरी तो वह जेल का दौरा करेंगे।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने कहा कि यदि कैदियों को मौलिक सुविधाएं नहीं देने की शिकायत बनी रहती है तो वह खुद जेल में जाकर खुद निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि मामले के कई आरोपियों की लगातार जेल नियमों के तहत मूलभूत सुविधाएं नहीं देने की शिकायतें आ रही है और इसे अनदेखा नहीं कर सकते।

 

अदालत ने जेल महानिदेशक को 15 आरोपियों की शिकायतों पर विचार करने और नियमों के तहत सुविधाएं देने को कहा है। इन आरोपियों को आतंकवादी निरोधक कानून यानी गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके साथ ही, तिहाड़ और मंडोली जेल का मुआयना करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने कहा कि अब इस तरह की शिकायत नहीं आनी चाहिए और इसका अंत होना चाहिए। साथ ही, जेल प्रशासन से मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर से पहले स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

न्यायाधीश ने कहा कि यदि हालात में सुधर नहीं हुआ तो मैं खुद जेल में जाकर स्थिति का जायजा लूंगा और वकील भी मेरे साथ हो सकते हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया है। जेल में बंद 15 में से सात आरोपियों ने शिकायत की है कि उन्हें गर्म कपड़े नहीं दिए गए हैं।

नियमों के तहत कैदियों को गर्म कपड़े मुहैया कराना जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। हालांकि, जेल अधिकारियों ने सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें इसके लिए अदालती आदेश की जरूरत है।

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध को लेकर इस साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में 53 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए।

 

 

 

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