फिलिस्तीनी राजदूत UN में गाजा के हालात बताते हुए रोए:कहा- भूख बच्चों को निगल रही; इजराइल ने सीजफायर प्रस्ताव स्वीकार किया

फिलिस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर गुरुवार को UN ने गाजा में बच्चों के हालात बताते हुए फूट-फूट कर रो पड़े। उन्होंने गाजा के बदतर हालात के बारे में लोगों को बताया।

मंसूर ने कहा- कई बच्चे भूख से मर रहे हैं। महिलाएं अपने बेजान बच्चों को गले लगा रही हैं, उनके बालों को सहला रही हैं, उनसे बात कर रही हैं, उनसे माफी मांग रही हैं। यह सब देखना तकलीफदेह है। कोई ऐसा कैसे कर सकता है? यह कहते हुए उनके आंसू फूट पड़े।

मंसूर ने आगे कहा- फिलिस्तीनियों की इस हालात को कोई आम इंसान बर्दाश्त नहीं कर सकता। आग और भूख फिलिस्तीनी बच्चों को निगल रही है।

उन्होंने कहा- कोई भी वजह फिलिस्तीनियों पर हमले को जायज नहीं ठहरा सकती। हम भी इंसान हैं। हमें अपने देश पर गर्व है। हमें बिल्कुल वैसे ही सम्मान मिलना चाहिए, जैसे बाकी सभी को।

गाजा में 5 लाख से ज्यादा लोगों पर भुखमरी का संकट है।
गाजा में 5 लाख से ज्यादा लोगों पर भुखमरी का संकट है।
इजराइल ने 2 मार्च को गाजा के अंदर फूड और फ्यूल सप्लाई पर रोक लगा दी थी।
इजराइल ने 2 मार्च को गाजा के अंदर फूड और फ्यूल सप्लाई पर रोक लगा दी थी।
गाजा पट्टी के खान यूनिस में फिलिस्तीनी लोगों के हालात सबसे ज्यादा बदतर हैं।
गाजा पट्टी के खान यूनिस में फिलिस्तीनी लोगों के हालात सबसे ज्यादा बदतर हैं।

इजराइल ने सीजफायर का प्रस्ताव स्वीकार किया

इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में सीजफायर का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने दिया था।

इससे पहले 26 मई को उग्रवादी संगठन हमास ने अमेरिका की तरफ से गाजा में युद्धविराम के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। इस प्रस्ताव में 10 इजराइली बंधकों की रिहाई और 70 दिन का युद्धविराम शामिल था।

इससे पहले 19 जनवरी को इजराइल और हमास के बीच सीजफायर हुआ था, लेकिन दो महीने पर 18 मार्च को इजराइल ने गाजा में एयरस्ट्राइक करके इसे सीजफायर को तोड़ दिया था। मार्च में इजराइल की तरफ से युद्धविराम तोड़ने के बाद से 2000 से ज्यादा फलस्तीनी बच्चों की मौत हो चुकी है और लगभग 4,000 घायल हैं।

18 मार्च को इजराइली टैंक गाजा में एंट्री करते हुए।
18 मार्च को इजराइली टैंक गाजा में एंट्री करते हुए।

बीते 1 हफ्ते में 500 से ज्यादा लोगों की मौत

इजराइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ अपने सैन्य अभियान तेज कर दिया था। शनिवार और रविवार (24-25 मई 2025) को इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 182 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं।

इजराइल सेना के हमले में बीते एक हफ्ते में 500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। 7 अक्टूबर 2023 से शुरू इजराइल-हमास जंग में अब तक 55,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें हजारों बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं।

गाजा में 70% बिल्डिंग्स तबाह

गाजा के मीडिया ऑफिस ने इजराइल पर आरोप लगाया कि वह गाजा पट्टी से फिलिस्तीनी आबादी खाली करने की साजिश रच रहा है। इजराइली सेना जबरन बेदखली, बमबारी और सहायता रोककर गाजा को तबाह कर रही है। यह एक नस्ल को खत्म करने जैसा है।

मीडिया ऑफिस ने दावा किया कि गाजा का 70% से ज्यादा पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर नष्ट हो चुका है और 19 लाख लोग (85% आबादी) अपने घरों से बेघर हो गए हैं।

इजराइली अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया। गाजा में अपनी कार्रवाइयों को हमास के खिलाफ ‘टारगेट ऑपरेशन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि हमास जानबूझकर आम लोगों के इलाके में सैन्य ढांचे स्थापित करता है, जिससे नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ती है।

4 पाॅइंट में समझिए हमास-इजराइल जंग...

  • हमास-इजराइल के बीच संघर्ष का सिलसिला साल 1948 से जारी है। इसने भीषण रूप 7 अक्टूबर 2023 को लिया जब हमास ने इजराइल पर हमला किया। जिसमें 815 नागरिकों सहित 1,195 इजराइली और विदेशी नागरिक मारे गए।
  • हमास ने 251 इजराइली लोगों को बंधक बनाया। हमास ने इस हमले को इजराइल के कब्जे, गाजा की नाकाबंदी और हजारों फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई की मांग के लिए किया।
  • इजराइल ने जवाब में गाजा पर बमबारी शुरू की और 27 अक्टूबर 2023 को जमीनी हमला शुरू किया। इजराइल का कहना है कि उसका मकसद हमास को खत्म करना और बंधकों को रिहा कराना है।
  • इस युद्ध में 61,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। इजराइल में 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए। गाजा में 80% लोग विस्थापित हो चुके हैं और अधिकांश बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है।

 

 

 

courtesy:www.bhaskar.com

 

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