फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट अहद तमीमी गिरफ्तार:इजराइल ने आतंक फैलाने का आरोप लगाया; 16 साल की उम्र में इजराइली सैनिक को तमाचा मारा था

इजराइल-हमास जंग के बीच इजराइली सेना ने 22 साल की फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट अहद तमीमी को गिरफ्तार कर लिया है। AFP के मुताबिक, तमीमी को हिंसा और आतंक भड़काने के लिए वेस्ट बैंक से अरेस्ट किया गया है। तमीमी ने 16 साल की उम्र में इजराइली सैनिक को तमाचा मारा था। तब से अहद वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के लिए हीरो बन गई।

 

यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक तमीमी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर इजराइल के खिलाफ लिखा- यहूदियों हम तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। हेब्रोन से लेकर जेनिन तक हम तुम्हारा कत्लेआम करेंगे। तुम कहोगे कि हिटलर ने तुम्हारे साथ जो किया वो तो सिर्फ मजाक था। तमीमी ने लिखा- हम तुम्हारा खून पी जाएंगे। तुम्हारी खोपड़ी को खा जाएंगे।

तमीमी को हिंसा और आतंक भड़काने के लिए वेस्ट बैंक से अरेस्ट किया गया है।
तमीमी को हिंसा और आतंक भड़काने के लिए वेस्ट बैंक से अरेस्ट किया गया है।

कतर में हमास चीफ से मिले पाकिस्तानी नेता
पाकिस्तान की पॉलिटिकल पार्टी जमात ए उलेमा ए इस्लाम के हेड फजलुर रहमान ने कतर में हमास नेताओं से मुलाकात की। रिपोर्ट्स के मुताबिक फजलुर रहमान कतर में हमास चीफ इस्माइल हानिये से मिले।

पाक नेता फजलुर रहमान (बाएं) ने हमास के चीफ इस्माइल हानिये (दाएं) से फिलिस्तीन में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चर्चा की।
पाक नेता फजलुर रहमान (बाएं) ने हमास के चीफ इस्माइल हानिये (दाएं) से फिलिस्तीन में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चर्चा की।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक रहमान हमास के पूर्व चीफ खालेद मेशाल से भी मिले। इस मुलाकात में उन्होंने फिलिस्तीन के अलावा कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत की। हमास के पूर्व चीफ खालेद ने कहा- जो देश मानवाधिकारों की बात करते हैं, वे ही हथियारों से भरे जहाज इजराइल भेज रहे हैं। फिलिस्तीन और कश्मीर के हालात मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिए इम्तिहान हैं।

कतर में पाक नेता फजलुर रहमान (सबसे बाएं) और इस्माइल हनियेह को मोमेंटो भेंट करते हुए।
कतर में पाक नेता फजलुर रहमान (सबसे बाएं) और इस्माइल हनियेह को मोमेंटो भेंट करते हुए।

अहम अपडेट्स...

  • अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के चीफ विलियम जे बर्न्स इजरायल पहुंचे हैं।
  • इजराइली हेरिटेज मिनिस्टर अमीचाई एलियाहू ने कहा- हमास को खत्म करने के लिए गाजा पर परमाणु बम गिरा देना चाहिए। वहां कोई भी मासूम नहीं है। इस बयान को लेकर उन्होंने बर्खास्त कर दिया गया है।

तुर्किये में अमेरिकी एयरबेस में घुसे प्रदर्शनकारी
तुर्किये में इजराइल का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी अडाना प्रांत में स्थित एक एयरबेस में घुस गए। यहां अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए टीयर गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। तुर्किये जंग को लेकर इजराइल का विरोध कर रहा है। वहीं, अमेरिका जंग की शुरुआत से ही इजराइल का सपोर्ट कर रहा है।

इसके पहले अमेरिका के ओकलैंड पोर्ट पर इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मिलिट्री शिप का रास्ता रोक दिया था। इस शिप में इजराइल को दिए जाने वाले हथियार हैं। प्रदर्शनकारी इस शिप के ऊपर चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें सूत्रों से पता चला था कि शिप में इजराइल की मदद के लिए हथियार पहुंचाए जा रहे थे। ये लोग 'फ्री फिलिस्तीन' के नारे लगा रहे थे।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए टीयर गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए टीयर गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

तीसरी बार गाजा में इंटरनेट सर्विस पूरी तरह बंद
इधर इजराइल गाजा में हमास के ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। इजराइली सेना ने सोमवार को बताया कि उसने रातभर गाजा में अस्पतालों के आसपास बमबारी की है। इस दौरान इंटरनेट सर्विस पूरी तरह बंद रही। जंग शुरू होने के बाद तीसरी बार गाजा में इंटरनेट सर्विस पूरी तरह बंद की गई थी।

अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में तैनात की परमाणु पनडुब्बी
वहीं, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी कमांड परमाणु पनडुब्बी पर भेजी है। ओहायो क्लास सबमरीन में परमाणु हथियार लगे हैं। मिडिल ईस्ट में भूमध्य सागर, रेड सी, पर्शियन गल्फ और ओमान की खाड़ी में अमेरिका के कमांड हैं। हालांकि अमेरिकी सेना ने ये नहीं बताया कि न्यूक्लियर स्बमरीन को कहां तैनात किया है।

तस्वीर अमेरिका की ओहायो क्लास परमाणु पनडुब्बी की है, जो जंग के बीच मिडिल ईस्ट में तैनात की गई है।
तस्वीर अमेरिका की ओहायो क्लास परमाणु पनडुब्बी की है, जो जंग के बीच मिडिल ईस्ट में तैनात की गई है।

नेतन्याहू सैनिकों से मिले
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लगातार हमास के खिलाफ जंग लड़ रहे अपने सैनिकों से मुलाकात कर रहे हैं। रविवार को नेतन्याहू रेमन एयरफोर्स बेस पर सैनिकों से मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो गाजा पर बमबारी तब तक नहीं रोकेंगे जब तक जंग जीत नहीं जाते।

उन्होंने एयर क्रू फाइटर्स और ग्राउंड क्रू कर्मियों से मुलाकात की। PM नेतन्याहू ने एयरफोर्स के जवानों को F-16 फाइटर जेट के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी।

इजराइल के एक एयरबेस में अपनी सैनिकों से मुलाकात करते इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू।
इजराइल के एक एयरबेस में अपनी सैनिकों से मुलाकात करते इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू।

एक महीने बाद हमास के हमले की जांच शुरू
7 अक्टूबर को हमास के हमले इस जंग की वजह बने थे। अब बेंजामिन नेतन्याहू सरकार, इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) और इंटेलिजेंस एजेंसियां (मोसाद, मिलिट्री इंटेलिजेंस और लोकल नेटवर्क) जांच करने जा रही हैं कि आखिर 7 अक्टूबर को हमास इतने बड़े हमले करने में कामयाब कैसे हुआ।

इस बीच, इजराइल के अखबार ‘यरुशलम पोस्ट’ ने जांच के पॉइंट्स पर रिपोर्ट पब्लिश की है। इसके मुताबिक- हमले की पहली और सबसे बड़ी वजह सेना का यह मुगालता था कि हमास के पास बड़े हमलों की ताकत ही नहीं है। यानी वो ओवर कॉन्फिडेंस की शिकार रही।

जांच के लिए कमीशन बनेगा
रिपोर्ट के मुताबिक- जांच में कुछ वक्त या कहें कुछ महीने लग सकते हैं। इसके लिए एक इन्क्वॉयरी कमीशन बनने जा रहा है। इसके सामने जांच के लिए जो पॉइंट्स रखे जाएंगे, उनकी कुछ जानकारी सामने आ रही है। कुछ बातों को तो फौज और इंटेलिजेंस एजेंसियां पहले ही मान चुकी हैं और कुछ पॉइंट्स ऐसे हैं, जिनका अभी तक किसी प्लेटफॉर्म पर जिक्र नहीं हुआ।

दरअसल, इजराइली सेना को ये लगता था कि गाजा में हमास कमजोर हो रहा है और वो किसी बड़े टकराव से बचेगा। उसका इस्लामिक जिहाद से भी विवाद चल रहा था। मई 2021 में भी इजराइल फौज ने गाजा में हमले किए थे। उसका ख्याल था कि उसने हमास के टनल नेटवर्क को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है, हालांकि ये उसकी गलतफहमी साबित हुई, क्योंकि टनल नेटवर्क को उस वक्त कोई खास नुकसान नहीं हुआ था।

यह तस्वीर यरुशलम पोस्ट ने जारी की है। इसमें इजराइली सेना के अफसर वॉर स्ट्रैटेजी रूम में अगले एक्शन के बारे में बातचीत कर रहे हैं।
यह तस्वीर यरुशलम पोस्ट ने जारी की है। इसमें इजराइली सेना के अफसर वॉर स्ट्रैटेजी रूम में अगले एक्शन के बारे में बातचीत कर रहे हैं।

फिलिस्तीनी अथॉरिटी पर जबरदस्त दबाव

  • अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक बार फिर फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रेसिडेंट महमूद अब्बास से मुलाकात की है। रामल्लाह में हुई इस मुलाकात के बारे में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका ने अब्बास पर जबरदस्त दबाव बनाया है।
  • अमेरिका चाहता है कि इजराइल गाजा में जल्द से जल्द ग्राउंड ऑपरेशन पूरा करे और हमास का खात्मा हो जाए। इसके बाद फिलिस्तीन अथॉरिटी को गाजा की भी कमान सौंपी जाए और वो अमेरिका के इशारे पर काम करे।
  • न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ ने इस बारे में अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट के एक अफसर से भी बात की है। इस अफसर ने कहा- इसमें कोई दो राय नहीं कि हम इस मुद्दे को अब ज्यादा लंबा नहीं खिंचने देंगे। हमास को खत्म किया जाएगा और गाजा में फिलिस्तीन अथॉरिटी को एडमिनिस्ट्रेशन ऑपरेशन की कमान दी जाएगी। इस बारे में एक पूरा प्लान तैयार किया जा चुका है। ब्लिंकन ने इसी वजह से 10 दिन में दूसरी बार अब्बास से मुलाकात की है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक बार फिर फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रेसिडेंट महमूद अब्बास से मुलाकात की है। अमेरिका चाहता है कि फिलिस्तीन अथॉरिटी हमास के खात्मे के बाद गाजा की कमान संभाले।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक बार फिर फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रेसिडेंट महमूद अब्बास से मुलाकात की है। अमेरिका चाहता है कि फिलिस्तीन अथॉरिटी हमास के खात्मे के बाद गाजा की कमान संभाले।

लेबनान से इजराइल पर फिर हमला
इजराइली सेना ने रविवार रात माना कि उसके यिफ्ताह इलाके में लेबनान की तरफ से एक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल दागी गई है। मिसाइल हमले की वजह से एक आम नागरिक घायल हो गया। लेबनान से हुए इस हमले के कुछ देर बाद इजराइली सेना ने जबरदस्त जवाबी हमले किए। यह हमले उसी जगह किए गए, जहां से मिसाइल इजराइल की तरफ दागी गई थी।

इजराइली सेना ने रविवार को चार घंटे के लिए मीडिया को गाजा के हालात देखने की मंजूरी दी।यहां इजराइली सेना का ग्राउंड ऑपरेशन जारी है।
इजराइली सेना ने रविवार को चार घंटे के लिए मीडिया को गाजा के हालात देखने की मंजूरी दी।यहां इजराइली सेना का ग्राउंड ऑपरेशन जारी है।

गाजा में पहली बार पहुंचा मीडिया
इजराइली सेना ने रविवार को चार घंटे के लिए मीडिया को गाजा के हालात देखने की मंजूरी दी। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक- इस दौरान गाजा में तबाही साफ देखी जा सकती थी। स्कूल और धार्मिक स्थल खंडहर नजर आए।

इजराइली सेना के अफसर वेस्टर्न वर्ल्ड के जर्नलिस्ट्स को उत्तरी गाजा के उन हिस्सों में ले गए जहां जबरदस्त जंग हुई थी।

तीन रिफ्यूजी कैम्प्स पर हमला
अल जजीरा के मुताबिक, रविवार को इजराइली सेना ने 24 घंटे में तीन रिफ्यूजी कैंप पर हमला किया। इजराइल ने सबसे बड़े जबालिया कैंप के बाद अल-बुरेज और मघाजी कैंप पर हमला किया। सबसे बड़े जबालिया कैंप में 1.16 लाख लोगों ने शरण ली है। वहीं, अल बुरेज में 46 हजार शरणार्थी और मघाजी में 33 हजार रिफ्यूजी रह रहे हैं। 24 घंटे में हुए हमलों में कितने लोग मारे गए हैं फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिली है।

इजराइल ने पहली बार 31 अक्टूबर को गाजा के सबसे बड़े रिफ्यूजी कैंप पर हमला किया था। तब 195 लोग मारे गए थे।
इजराइल ने पहली बार 31 अक्टूबर को गाजा के सबसे बड़े रिफ्यूजी कैंप पर हमला किया था। तब 195 लोग मारे गए थे।

गाजा के वाटर स्टेशन, यूनिवर्सिटी पर भी हमला
इजराइल ने गाजा की अल-अजहर यूनिवर्सिटी पर हमला किया। शनिवार रात हमास ने भी सेंट्रल इजराइल पर कई रॉकेट दागे। इस दौरान इजराइली नागरिक सायरन की आवाजें सुनकर अपने घरों में घुस गए। इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने आयरन डोम की मदद से मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया। हमले में किसी को भी नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है।

दूसरी तरफ, इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा है कि उनकी सेना हमास के गाजा चीफ याह्या सिनवार को मिटा देंगे। उन्होंने कहा- हमास की कोई सीमा नहीं है। 7 अक्टूबर को जो हुआ उससे ये पता चलता है कि हमास किसी भी हद तक जा सकता है। इसके लिए उसके नेता जिम्मेदार हैं। जब ये जंग खत्म होगी तब गाजा में कोई हमास नहीं होगा।

इजराइल-हमास जंग तस्वीरों में...

गाजा में इजराइली बमबारी में अपने बच्चे की मौत के बाद रोते हुए एक पिता।
गाजा में इजराइली बमबारी में अपने बच्चे की मौत के बाद रोते हुए एक पिता।
तस्वीर गाजा में बमबारी में घायल एक महिला की है, वो फोन पर अपने रिश्तेदारों का हालचाल ले रही है।
तस्वीर गाजा में बमबारी में घायल एक महिला की है, वो फोन पर अपने रिश्तेदारों का हालचाल ले रही है।
इजराइली बमबारी ने पूरे गाजा को खंडहरों में तब्दील कर दिया है।
इजराइली बमबारी ने पूरे गाजा को खंडहरों में तब्दील कर दिया है।
उत्तरी गाजा में इजराइली बमबारी के बाद हुई रोशनी और उससे उठा धुआं।
उत्तरी गाजा में इजराइली बमबारी के बाद हुई रोशनी और उससे उठा धुआं।

इजराइल ने साथ देने के लिए भारत को धन्यवाद कहा
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इजराइल और हमास के बीच जंग से जो हालात बने हैं वो बेहद मुश्किल हैं। उन्होंने इजराइली विदेश मंत्री एली कोहेन से बात करते हुए कहा- भारत हमेशा आतंकवाद के खिलाफ लड़ता आया और आगे भी लड़ेगा। हम फिलिस्तीन मुद्दे का अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के मुताबिक हल चाहते हैं। इस पर कोहेन ने कहा- हम इजराइल का साथ देने के लिए भारत को धन्यवाद देते हैं।

 

इजराइल के खिलाफ इंतिफादा की मांग
शनिवार को व्हाइट हाउस के पास फ्रीडम प्लाजा पर करीब 10 हजार फिलिस्तीनी समर्थकों ने प्रदर्शन किया। रैली के दौरान प्रदर्शनकारी फिलिस्तीन को आजादी के लिए नारे लगाते नजर आए। इस दौरान कुछ लोगों ने इजराइल के खिलाफ इंतिफादा की भी मांग उठाई।

लोगों ने कहा कि उन्हें यहूदी देश नहीं बल्कि 1948 चाहिए, जब अरब देशों ने मिलकर इजराइल पर हमला किया था। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इजराइल-हमास जंग को मानवीय कारणों से कुछ समय के लिए रोकने के विषय पर बातचीत आगे बढ़ी है।

शनिवार को इजराइल के लड़ाकू विमानों ने गाजा में एक इमारत की छत पर बने हमास के ठिकाने पर हमला किया।
शनिवार को इजराइल के लड़ाकू विमानों ने गाजा में एक इमारत की छत पर बने हमास के ठिकाने पर हमला किया।

ओबामा बोले- जंग की पूरी सच्चाई देखना जरूरी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इजराइल-हमास जंग पर बात करते हुए मामले में पूरी सच्चाई पर गौर करने को कहा। ओबामा बोले- हमास ने जो किया वो भयानक था और उसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन फिलिस्तीनियों के साथ जो हो रहा है वो भी सहन नहीं कर सकते।

ओबामा ने कहा- यहूदी विरोधी भावना का एक अलग अतीत रहा है, लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि जंग में वो लोग भी मर रहे हैं, जिनका हमास से कोई लेना-देना नहीं है।

इजराइली हमले में गाजा की 80 हजार से ज्यादा इमारतें तबाह हो गई हैं।
इजराइली हमले में गाजा की 80 हजार से ज्यादा इमारतें तबाह हो गई हैं।

गाजा में हर घंटे मारे जा रहे 15 लोग
अलजजीरा के मुताबिक, गाजा में हो रही इजराइली बमबारी से हर घंटे 15 लोगों की मौत हो रही है। 35 लोग घायल हो रहे हैं और 12 इमारतें तबाह हो रही हैं। इस बीच हिजबुल्लाह ने इजराइली आर्मी की 6 पोस्ट पर हमला किया है। इजराइली सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की है।

लेबनान का आतंकी संगठन हिजबुल्लाह 8 अक्टूबर से ही इजराइल पर हमले कर रहा है। इधर, 7 अक्टूबर से अब तक जंग में फ्रांस के 39 नागरिक मार गए हैं। 9 अन्य लापता हैं। हमास ने हमले के दौरान करीब 250 लोगों को बंधक बनाया, इनमें कई विदेशी नागरिक भी हैं।

 

'अल-अक्सा फ्लड' के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन 'सोर्ड्स ऑफ आयरन'
हमास ने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को 'अल-अक्सा फ्लड' नाम दिया है। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ 'सोर्ड्स ऑफ आयरन' ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।

वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।

इजराइल और फिलिस्तीन के बीच क्यों है विवाद?
मिडिल ईस्ट के इस इलाके में यह संघर्ष कम से कम 100 साल से चला आ रहा है। यहां वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और गोलन हाइट्स जैसे इलाकों पर विवाद है। फिलिस्तीन इन इलाकों समेत पूर्वी यरुशलम पर दावा जताता है। वहीं, इजराइल यरुशलम से अपना दावा छोड़ने को राजी नहीं है।

गाजा पट्टी इजराइल और मिस्र के बीच में है। यहां फिलहाल हमास का कब्जा है। ये इजराइल विरोधी समूह है। सितंबर 2005 में इजराइल ने गाजा पट्टी से अपनी सेना वापस बुला ली थी। 2007 में इजराइल ने इस इलाके पर कई प्रतिबंध लगा दिए। फिलिस्तीन का कहना है कि वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना हो।

 

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अल-अक्सा मस्जिद में इजराइली पुलिस ने नमाजियों को गिरफ्तार किया; हमास ने कहा- कीमत चुकानी पड़ेगी

​​​​​​इजराइल में यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में पुलिस और फिलिस्तीनियों की बीच झड़प हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया और उन पर पवित्र मस्जिद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, कुछ फिलिस्तीनियों ने खुद को पटाखों, लाठी और पत्थरों के साथ मस्जिद में बंद कर लिया था और बाहर बैरिकेडिंग लगा दी थी। 

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