झूठ: न जियो फ्री रिचार्ज दे रहा, न रूस ने शहर में 500 शेर छोड़े

दुनियाभर में कोरोनावायरस के अब तक 4 लाख 23 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं। 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। देश में 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया गया है। लोग इसके चलते दहशत में भी हैं। दरअसल सोशल मीडिया पर कोरोनवायरस से जुड़ी तमाम फेक खबरें वायरल की जा रही हैं, जिनसे लोग घबरा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी खबरों से अलर्ट रहने की अपील की है। हम यहां 10 ऐसी वायरल खबरों के बारे में बता रहे हैं, जो फेक हैं।
#पहला दावा
क्या वायरल : एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें कई लाशें नजर आ रही हैं। दावा है कि, यह इटली की तस्वीर है, जहां कोरोनावायरस ने कई लोगों की जान ले ली।
क्या सच : वायरल तस्वीर 2011 में रिलीज हुई मूवी कंटेजियन के एक सीन की है। इसका इटली से कोई संबंध नहीं है।
#दूसरा दावा
क्या वायरल : दावा किया गया कि जियो इन कठिन परिस्थितियों में सभी इंडियन यूजर्स को 498 रुपए का फ्री रिचार्ज दे रही है।
क्या सच : जियो प्रवक्ता ने बताया कि, वायरल दावा झूठा है। कंपनी कोई फ्री रिचार्ज नहीं दे रही है।
#तीसरा दावा
क्या वायरल : एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें कई लोग जमीन पर पड़े नजर आ रहे हैं। दावा है कि, यह इटली की तस्वीर है, जहां कोरोनवायरस के चलते इन लोगों की जान गई।
क्या सच : वायरल तस्वीर 2014 में फ्रेंकफर्ट में प्रदर्शित हुए एक आर्ट प्रोजेक्ट की है, जिसमें लोगों को इस तरह दिखाया गया था।

#चौथा दावा
क्या वायरल : डॉक्टर रमेश गुप्ता की किताब 'आधुनिक जन्तु विज्ञान' का एक पेज वायरल किया गया है। दावा है कि, कोरोनावायरस और इसकी दवा के बारे में इस किताब में पहले से ही जानकारी दी गई है।
क्या सच : कोरोनावायरस कोई एक वायरस नहीं है, बल्कि यह वायरस की एक फैमिली का नाम है। इस फैमिली में सैकड़ों वायरस आते हैं। अभी हम SARS-Cov-2 से जूझ रहे हैं, जिसकी कोई दवा नहीं बनी। किताब में भी इसके बारे में कुछ नहीं लिखा गया।
#पांचवा दावा
क्या वायरल : मेदांता के एमडी डॉक्टर नरेश त्रेहान के नाम से वायरल मैसेज में दावा किया गया है कि, देश में अगले एक-दो दिन में नेशनल इमरजेंसी लगने वाली है। इसलिए राशन, दवाई जैसी जरूरी चीजें पर्याप्त मात्रा में खरीद लें।
क्या सच : मेदांता हॉस्पिटल ने इस दावे को झूठा बताया है। देश में नेशनल इमरजेंसी नहीं लग रही। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
#छठवां दावा
क्या वायरल : एक कपल की तस्वीर वायरल हो रही है। दावा है कि, इन्होंने 134 कोरोनावायरस पीड़ितों का इलाज किया लेकिन अब खुद ही इसके संक्रमण का शिकार हो गए।
क्या सच : वायरल तस्वीर बार्सिलोना एयरपोर्ट की है, दंपत्ति के डॉक्टर होने का दावा भी झूठा है।

#सातवां दावा
क्या वायरल : कोविड-19 लिखी किट की तस्वीर वायरल हो रही है। दावा है कि, यह कोरोनावायरस को खत्म करने वाली दवा है, जिसे अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बनाया है।
क्या सच : कोरोनावायरस को खत्म करने वाली दवा अभी तक ईजाद नहीं हो पाई है। वायरल तस्वीर कोरोनावायरस की जांच करने वाली किट की है।
#आठवां दावा
क्या वायरल : एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि, कोरोनावायरस 12 घंटे तक ही जिंदा रह सकता है। इसलिए 14 घंटे का जनता कर्फ्यू किया गया। ताकि इसकी चेन तोड़ी जा सके।
क्या सच : 3 घंटे से लेकर 9 दिनों तक इसके जिंदा रहने का अध्ययन सामने आया है, हालांकि अभी तक कोई भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
#नौवा दावा
क्या वायरल : दावा किया जा रहा है कि रूस में 500 शेर सड़कों पर छोड़ दिए गए हैं, ताकि लोग घरों में रहें।
क्या सच : वायरल दावा झूठा निकला। एक फिल्म के लिए शूट किए गए सीन की फोटो वायरल की जा रही है।
#दसवां दावा
क्या वायरल : ताबूत वाली एक फोटो वायरल हो रही है। दावा है कि यह इटली की है, जहां एक ही दिन में कई लोग कोरोनावायरस के चलते मारे गए
क्या सच : वायरल तस्वीर सात साल पहले हुए एक हादसे की है, इसका कोरोनावायरस से कोई संबंध नहीं है।


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