नॉर्थ कोरिया-रूस के सैन्य रिश्ते मजबूत:किम जोंग की स्पाय सैटेलाइट बनाने में मदद कर रहे पुतिन; साउथ कोरिया पहुंचे US के फॉरेन मिनिस्टर

चीन के बाद अब नॉर्थ कोरिया रूस के साथ मिलिट्री कोऑपरेशन बढ़ा रहा है। साउथ कोरिया का दावा है कि नॉर्थ कोरिया एक जासूसी उपग्रह बना रहा है और इसकी टेक्नोलॉजी उसे रूस से मिल रही है।

इस इलाके में अपने अहम सहयोगी साउथ कोरिया पर मंडराते खतरे के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन साउथ कोरिया पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि सियोल में उनकी विजिट के बाद अमेरिका डिफेंस के लिहाज से कुछ बड़े कदम उठा सकता है।

स्पाय सैटेलाइट से अमेरिका को भी खतरा

  • अमेरिकी टीवी चैनल ‘फॉक्स न्यूज’ ने बुधवार को पब्लिश रिपोर्ट में साउथ कोरियाई सूत्रों के हवाले से दावा किया कि नॉर्थ कोरिया जल्द ही स्पाय सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है और फिक्र की बात ये है कि इसके लिए टेक्नोलॉजी उसे रूस से मिल रही है। मॉस्को और प्योंगयांग के बीच हाईएस्ट लेवल की इस टेक्नोलॉजी शेयरिंग से अमेरिका और साउथ कोरिया बेहद परेशान हैं।
  • नॉर्थ कोरिया और रूस के बढ़ते सैन्य रिश्तों को लेकर पेंटागन अलर्ट पर है। इसकी वजह यह है कि नॉर्थ कोरिया पहले सिर्फ चीन से सैन्य सहयोग करता था, लेकिन अब इसमें रूस की एंट्री अमेरिका, साउथ कोरिया और जापान के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसकी वजह यह है कि मिलिट्री टेक्नोलॉजी के मामले में रूस किसी भी लिहाज से कम नहीं है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक- साउथ कोरिया और जापान में अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। अगर नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन देश को स्पाय सैटेलाइट से लैस करते हैं तो इसका मतलब ये होगा कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सीक्रेसी और मूवमेंट खतरे में पड़ जाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- नॉर्थ कोरिया हाईटेक मिसाइल लॉन्च पैड्स बनाने के लिए भी रूस की मदद ले रहा है। (फाइल)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- नॉर्थ कोरिया हाईटेक मिसाइल लॉन्च पैड्स बनाने के लिए भी रूस की मदद ले रहा है। (फाइल)

दो बार नाकाम रहा लॉन्च
रिपोर्ट के मुताबिक- साउथ कोरिया के मिनिस्टर किम युंग हो ने इंटरव्यू में माना कि नॉर्थ कोरिया बहुत जल्द स्पाय सैटेलाइट को तीसरी बार लॉन्च करने की कोशिश करेगा। यह काम किसी भी वक्त किया जा सकता है।

मई और अगस्त में उसने दो बार इसके लिए कोशिश की थी, लेकिन नाकाम हाथ लगी। इसके बाद नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन सितंबर में रूस विजिट पर गए और फिर साउथ कोरियाई इंटेलिजेंस एजेंसीज को पता लगा कि रूस अब नॉर्थ कोरिया को हाईली सेंसेटिव और सीक्रेट स्पाय सैटेलाइल टेक्नोलॉजी दे रहा है। हालांकि, दोनों ही देशों ने इस बारे में कभी कोई बयान नहीं दिया।

इसके अलावा मिलिट्री टैंक और मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स बनाने को लेकर भी रूस और नॉर्थ कोरिया साथ आ रहे हैं। चीन इन दोनों देशों को साथ लाने में बैक चैनल से मदद दे रहा है।

गुरुवार को सियोल में साउथ कोरिया के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर के साथ ब्लिंकन। दोनों ने नॉर्थ कोरिया की तरफ से बढ़ते खतरे पर दो घंटे बातचीत की।
गुरुवार को सियोल में साउथ कोरिया के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर के साथ ब्लिंकन। दोनों ने नॉर्थ कोरिया की तरफ से बढ़ते खतरे पर दो घंटे बातचीत की।

ब्लिंकन का अचानक दौरा

  • इस वक्त अमेरिका का पूरा फोकस इजराइल और हमास की जंग पर है। जो बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन इजराइल को हर तरह की मदद दे रही है ताकि मिडिल ईस्ट में उसका सबसे अहम सहयोगी कमजोर न पड़ जाए। यही वजह है कि फॉरेन मिनिस्टर एंटनी ब्लिंकन करीब एक महीने से अरब वर्ल्ड में ही एक्टिव हैं। दो हफ्ते में चार बार तो वो इजराइल का दौरा कर चुके हैं।
  • इस बीच, नॉर्थ कोरिया और रूस के बीच मिलिट्री कोऑपरेशन और खासतौर पर स्पाय सैटेलाइट की लॉन्चिंग का मामला सामने आया तो ब्लिंकन जी-7 की टोक्यो में हुई मीटिंग के बाद सीधे सियोल के लिए रवाना हो गए।
  • माना जा रहा है कि अमेरिका अब साउथ कोरिया और जापान के साथ टेक्निकल फ्रंट पर तेजी से काम करेगा ताकि नॉर्थ कोरिया, चीन और रूस के मिलिट्री अलायंस को काउंटर किया जा सके। अमेरिका और साउथ कोरिया की बातचीत का इस बार यही एजेंडा है।
  • ब्लिंकन ने टोक्यो से सियोल रवाना होने के पहले दो टूक कहा था- रूस और नॉर्थ कोरिया के बीच तेजी से बढ़ते मिलिट्री कोऑपरेशन पर अमेरिका पैनी नजर रख रहा है। देखते हैं मेरी सियोल की लीडरशिप से क्या बातचीत होती है। खास बात ये है कि नॉर्थ कोरिया, चीन या रूस ने अब तक इस तरह की रिपोर्ट्स पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है।

 

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