सऊदी अरब पहुंचे जेलेंस्की:अरब लीग समिट में बोले- जंग से नजरें न फेरें, हालात समझें; तेल कारोबार में रूस-सऊदी के मजबूत रिश्ते
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की शुक्रवार को सऊदी अरब पहुंचे। यहां उन्होंने अरब लीग समिट को संबोधित किया। उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग के बीच अपने देश के सपोर्ट मांगा। कहा- जिन लोगों ने यूक्रेन से नजरें फेर ली हैं, जो यूक्रेन की हालात नहीं देख पा रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहूंगा कि एक बार ईमानदारी से जंग के हालात को समझें। हम शांति और इंसाफ चाहते हैं। हमारे पास उतनी मिसाइलें नहीं हैं जितने हमारे दुश्मन के पास है।
जेलेंस्की ने कहा- ईरान जंग में रूस को ड्रेन भेज रहा है। हमारे पास ज्यादा हथियार भी नहीं हैं। लेकिन हम डटे हुए हैं, क्योंकि सच्चाई हमारे साथ है। वहीं, सऊदी अरब और यूक्रेन के बायलैटरल रीलेशन्स को लेकर जेलेंस्की ने कहा- सऊदी हमारे लिए अहम है, हम आपसी सहयोग को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए तैयार हैं।

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की
ये जेलेंस्की की सऊदी अरब की पहली यात्रा है। उन्होंने सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। जेलेंस्की दोनों देशों के आपसी संबंधों को मजबूत करने, एनर्जी कोऑपरेशन और क्रीमिया में बंद करीब 180 राजनीतिक कैदियों के मुद्दे पर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ चर्चा करेंगे।

22 देशों का संगठन है अरब लीग
24 फरवरी 2022 में शुरू हुई रूस-यूक्रेन जंग के बाद से जेलेंस्की ने अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों का दौरा किया है। इन देशों ने खुलकर रूस का विरोध किया है। अब जेलेंस्की उन देशों से समर्थन मांग रहे हैं, जो जंग को लेकर न्यूट्रल रहे हैं। अरब लीग में 22 देश हैं, इनमें से सिर्फ सीरिया ने रूस का समर्थन किया है। बाकि देश न्यूट्रल ही रहे हैं।

सऊदी और रूस के रिश्ते मजबूत
जंग के बाद से अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी समेत कई देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। लेकिन सऊदी अरब ने ऐसा नहीं किया है। हालांकि, सऊदी अरब ने इस साल की शुरूआत में यूक्रेन को 400 मिलियन डॉलर की मदद देने की बात कही थी। साथ ही रूस को जंग खत्म करने वाले UN रेजोल्यूशन का समर्थन किया था। बावजूद इसके सऊदी अरब तेल कारोबार में साझेदार रूस का साथ नहीं छोड़ना चाहता है।
क्रूड ऑयल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) के तेल उत्पादन में कटौती करने के फैसले के बाद से रूस और सऊदी ने तेल उत्पादन में काफी सहयोग किया है। हालांकि इसे लेकर अमेरिका ने सऊदी अरब पर रूस का साथ देने के आरोप लगाए थे। अमेरिका के कई अधिकारियों का कहना था कि साऊदी अरब ऑयल प्रोडक्शन में कटौती करके रूस का साथ दे रहा है।


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