गाजा के ICU में नवजातों की मौत, सड़े शव मिले:कीड़े-मक्खियां रेंग रहीं, सीजफायर के प्रस्ताव पर अमेरिका का वीटो; 24 घंटे में 310 मौतें
गाजा के अल-नासेर अस्पताल में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखे करीब 4 नवजातों के सड़े हुए शव मिले हैं। अमेरिकी मीडिया हाउस CNN की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल के ग्राउंड ऑपरेशन के चलते डॉक्टरों को अस्पताल खाली कर जाना पड़ा था। बच्चों को ICU की जरूरत होने की वजह से वो उन्हें साथ नहीं ले जा सके।
जैसे ही अस्पताल में फ्यूल खत्म हुआ तो ICU में मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। इससे बच्चों की मौत हो गई और उनके शरीर सड़ गए। बच्चों के बेड पर अब भी दूध की बोतल और डायपर पड़े हुए हैं।
UAE के एक मीडिया हाउस अल माशद के पत्रकार मोहम्मद बालूशा ने ये वीडियो शेयर किया। इसमें करीब 4 नवजातों के सड़े हुए शव नजर आए। कुछ के शवों में अब भी अस्पताल की मशीनों के तार जुड़े हुए हैं। उनके शरीर पर मक्खियां और कीड़े रेंगते नजर आए।
बता दें कि सीजफायर से पहले अल-नासेर अस्पताल के पास इजराइली सेना और हमास के बीच मुठभेड़ तेज हो गई थी। IDF ने दावा किया था कि हमास के लड़ाके अस्पताल के नीचे सुरंगों में छिपे थे। यहीं से वो ऑपरेट कर रहे थे।

गाजा की सबसे पुरानी मस्जिद पर हमला, अब तक 104 मस्जिदें तबाह
इजराइली सेना ने शुक्रवार देर रात गाजा की सबसे पुरानी ओमारी मस्जिद पर हमला किया। इससे मस्जिद का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। BBC के मुताबिक इस मस्जिद को 7वीं सदी में बनाया गया था। इस हमले के बाद हमास ने UNESCO से ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही है।
गाजा में अब तक 104 मस्जिदें तबाह हो चुकी हैं। वहीं, पिछले 24 घंटों में गाजा में करीब 310 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। इजराइली सेना को गाजा के एक स्कूल के क्लासरूम के नीचे सुरंगें मिली हैं। उधर, UNSC में सीजफायर का प्रस्ताव खारिज हो गया।
अमेरिका ने इसके खिलाफ शुक्रवार को वीटो का इस्तेमाल किया। दरअसल, अमेरिका का कहना है कि सीजफायर से हमास को फायदा होगा और वो हमले के लिए हथियार जुटा लेंगे। यह प्रस्ताव UAE ने पेश किया था।

सुरंग मस्जिद तक जाती है
इजराइली सेना शेजैया शहर में रेड कर रही थी। तभी एक स्कूल के अंदर हमास आतंकी उनसे भिड़ गए। यहां गोलीबारी के बाद सेना को क्लासरूम के नीचे सुरंगें मिलीं। सेना का कहना है कि एक सुरंग पास बनी एक मस्जिद तक जाती है। आतंकी स्कूल और मस्जिदों से हमला कर रहे हैं। जंग में अब तक 200 से ज्यादा स्कूल-कॉलेज तबाह हुए हैं।


जंग में आंखें गंवा रहे इजराइली सैनिक
7 अक्टूबर को शुरू हुई जंग में कई इजराइली सैनिक आंखें गंवा चुके हैं। इसके अलावा कुछ सैनिकों को गंभीर चोटें आई हैं। कुछ की सर्जरी की गई है। यरुशलम पोस्ट ने यह जानकारी दी है।
आंखें खराब होने की वजह क्या
- इजराइली मीडिया हाउस केएएन के मुताबिक गाजा में जंग लड़ने वाले कई इजराइली सैनिकों की आंखों में गंभीर जख्म पाए गए हैं। एक महीने में करीब 40 इजराइली सैनिक आंख में चोट का शिकार हुए।
- इस रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 15% सैनिक ऐसे हैं, जिन्हें एक या फिर दोनों आंखों की रोशनी गंवानी पड़ सकती है। कुछ के साथ तो यह हो भी चुका है। इसकी वजह यह है कि जंग के शुरुआती दौर में इजराइली सैनिकों ने प्रोटेक्टिव गियर खास तौर पर स्पेशल बैटल ग्लासेज का इस्तेमाल नहीं किया।
- कुछ सैनिकों की आंखों में छर्रे लगे हैं तो कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने फायरिंग के दौरान ग्लासेज नहीं पहने और गन से गोली निकलने के बाद जो जहरीला धुआं या बारूद निकलता है, वो उनकी आंखों में चला गया।
- इजराइल के सोरोका मेडिकल सेंटर ने सैनिकों के लिए स्पेशल बैटल गियर बनाए हैं। पिछले महीने इजराइली सरकार ने कहा था- हमारे सैनिकों के पास किसी प्रोटेक्टिव गियर की कमी नहीं है।

फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री से नाखुश नेतन्याहू
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जंग खत्म होने के बाद फिलिस्तीन अथॉरिटी ऑर्गनाइजेशन (PLO) उन्हें मंजूर नहीं है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जंग के बाद गाजा की कमान फिलिस्तीन अथॉरिटी को देना मसले का हल नहीं है।
दरअसल, शुक्रवार को फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद सातायेह ने ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कहा था कि जंग के बाद वो गाजा का शासन संभालने के लिए तैयार हैं और इसमें हमास को भी साथ लिया जा सकता है।
सातायेह ने माना था कि बैकडोर डिप्लोमैसी के तहत गाजा में जंग के बाद के हालात को लेकर उनकी अमेरिका के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने ये भी माना कि जंग के बाद की सरकार में हमास को सख्त शर्तों के साथ जगह दी जा सकती है।
नेतन्याहू ने इस मसले पर दो टूक जवाब दिया। कहा- जंग के बाद कोई हमास नहीं बचेगा। मैं ये भी साफ कर देना चाहता हूं कि फिलिस्तीन अथॉरिटी भी इस मसले का हल नहीं है।
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हमास के सामने सख्त शर्तें रहेंगी
- न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक अमेरिका और फिलिस्तीन अथॉरिटी के बीच जंग के बाद गाजा के शासन से जुड़े मुद्दे पर बातचीत जारी है। फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रधानमंत्री मोहम्मद सातायेह ने खुद इसका खुलासा किया है।
- इस बातचीत का सबसे अहम पहलू ये है कि किसी वक्त फिलिस्तीन अथॉरिटी का हिस्सा रहे आतंकी संगठन हमास को भी प्लान से अलग नहीं रखा गया है। हालांकि इसके लिए उसे तमाम शर्तें माननी होंगी।
- रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में जंग खत्म होने के बाद हमास को वहां के सिस्टम से पूरी तरह बाहर नहीं किया जाएगा। दरअसल, हमास को फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) का जूनियर पार्टनर बनाने की तैयारी है।
- इसके जरिए गाजा को इंडिपेंडेंट स्टेट बनाने की प्लानिंग की जा रही है। इसमें वेस्ट बैंक, गाजा, पूर्वी यरुशलम और रामल्लाह शामिल होंगे। फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रधानमंत्री सातायेह ने मीडिया हाउस ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में खुद यह माना है।
- हमास को इस प्लान से बाहर न रखने के पीछे सोच यह है कि जंग के बाद कम या ज्यादा ही सही हमास का प्रभाव गाजा में रहेगा ही। लिहाजा, उसे पूरी तरह किसी सिस्टम या प्लान से बाहर किया जाना परेशानियां पैदा कर सकता है।
तस्वीरों में गाजा के हालात...




'अल-अक्सा फ्लड' के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन 'सोर्ड्स ऑफ आयरन'
हमास ने इजराइल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था। उसने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को 'अल-अक्सा फ्लड' नाम दिया। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ 'सोर्ड्स ऑफ आयरन' ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।
वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।

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