कोविड-19 महामारी के दौर में तेजी से पटरी पर आ रही अर्थव्यवस्था, मंहगाई से निपटने की जरूरत
कोविड-19 महामारी के दौर में तेजी से पटरी पर आ रही अर्थव्यवस्था, मंहगाई से निपटने की जरूरत
नयी दिल्ली | रिजर्व बैंक ने आज कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अनुमान से बेहतर प्रदर्शन कर रही है और तेजी से पटरी पर लौट रही है लेकिन इस गति को बनाये रखने के लिए महंगाई को काबू में रखने की जरूरत है।
केन्द्रीय बैंक ने अपने दिसंंबर बुलेटिन में अर्थव्यवस्था की स्थिति पर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कोविड -19 के गहरे खाई से बाहर निकल रही है तथा एक ऐसी गति से प्रतिबिंबित हो रही है जो अधिकांश भविष्यवाणियों को पूरा करती है।
नवंबर 2020 में कृषि और विनिर्माण गतिविधियों में तेजी के कारण आर्थिक स्थिति में सुधार जारी रहा। ब्याज दरों में समाविष्ट वित्तीय स्थितियां शायद दशकों में सबसे आसान स्तर पर हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, सभी हितधारकों द्वारा निरंतर प्रयासों से भारत को तेज़ वृद्धि की श्रेणी में रखा जा सकता है।
उसने कहा कि अर्थव्यवस्था में आ रही तेजी को बनाये रखने के लिए महंगाई को नियंत्रण में रखने के उपाय किये जाने की जरूरत है। बुलेटिन में कहा गया है कि नवंबर के अंत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकडों के अनुसार पहली तिमाही में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए किये गये उपायों का दूसरी तिमाही में बहुत कम असर दिखा और अर्थव्यवस्था अधिकांश अनुमानों के विपरीत तीव्र गति से पटरी पर लौट रही है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि तीसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था कोविड के प्रभाव से मुक्त हो सकती है और आर्थिक वृद्धि 0.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। केन्द्रीय बैंक ने इसी महीने की अपनी मौद्रिक नीति में भी कहा था कि अक्टूबर में उसने अर्थव्यवस्था को लेकर जो अनुमान व्यक्त किया था उससे 200 आधार अंक अधिक का सुधार दिख सकता है।
उसने कहा था कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था 0.4 प्रतिशत की गति से बढ़ सकती है जबकि अगले वित्त वर्ष की पहली छमाहीी में यह 14.2 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर सकती है।
उसने कहा कि विभिन्न एजेंसियों ने चालू वित्त वर्ष में गिरावट आने का अनुमान व्यक्त किया था लेकिन यदि वर्तमान गति बनी रही तो अर्थव्यवस्था अनुमान से बेहतर प्रदर्शन करेगी।

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